About Us

Pankhuri is a women’s only community for members to socialize, explore and upskill through live interactive courses, expert chat, and interest-based clubs. Our short video app opens up endless possibilities for women with interests like fashion, beauty, grooming and lifestyle.

We are dedicated to all things beauty, inside and out. From hair and makeup to health and wellness, Pankhuri takes a fresh, no-nonsense approach to help you feel and look your absolute best. We help women find confidence, community and joy through beauty. It is a safe and empowering space that aims to help them lead their best lives. We’re driven by a commitment to improving women’s lives by covering daily breakthroughs in beauty and health, with a focus on story-telling and original reporting.

We are an ambitious, creative and committed community, backed by some of the best investors in the country. We are female-founded and led, and believe passionately in creating an inclusive and welcoming ecosystem for everyone.

अपने लिए समय निकालें और रोज़ करें ये 8 योगासन

खुद के लिए आप कितना समय निकालती हैं? खुद के लिए समय निकालने का मेरा मतलब है कि जिस तरह आप अपने लुक के लिए स्किन केयर, हेयर केयर करती हैं या जो भी बाहरी खूबसूरती के लिए ज़रूरी हो वह एफर्ट करती हैं, क्या आप अपने इंटरनल ऑर्गन्स की केयर के लिए समय निकालती हैं? अगर नहीं, तो आपको यह काम आज से ही शुरू कर देना चाहिए। आपको अपने इंटरनल ऑर्गन्स का डिटॉक्सिफिकेशन करने के लिए योग की मदद लेनी चाहिए और इसके लिए आपको समय निकालना ही होगा।

दिनभर घर, ऑफिस, फ्रेंड्स और रिलेटिव्स के बीच दौड़ती-भागती रहती हैं लेकिन अगर आप योग को अपनाएंगी तो आपका काम आसान हो जाएगा। यहाँ ऐसे 8 योगा पोज़ के बारे में बता रही हूँ जो कि आपको रोज़ाना करना चाहिए। इससे इंटरनल क्लींज़िंग तो होगी ही, आपका माइंड और बॉडी भी रिलैक्स करेगी।

1. मलासन (गार्लेंड पोज़)

मलासन आपकी थाइज़ को स्ट्रेच करने और आपकी बॉडी की स्ट्रेंथ को महसूस करने के बारे में है।

पैरों को थोड़ा चौड़ा करके मैट पर खड़े होकर इस पोज़ की शुरुआत करें। स्क्वैट पोज़िशन में घुटनों को धीरे-धीरे बेंड करें। हथेलियों को नमस्कार वाले पोज़ में जोड़ने के लिए अपने हाथों को एक साथ लाएं और इसे अपनी कोहनियों के अंदरूनी घुटनों को धीरे से दबाकर चौड़ा करें। अपने हिप्स को थोड़ा नीचे लाएं लेकिन यह ध्यान रखें कि आपकी स्पाइन सीधी हो और चेस्ट ओपन हो। थाई और नेक एरिया से स्ट्रेस को दूर करने के लिए यह आसन अच्छा है। यह हिप्स, ग्रॉइन और एंकल्स को भी स्ट्रेच करता है।

2. शिशुआसन (चाइल्ड पोज़)

बालासन या शिशुआसन वर्किंग मदर्स के लिए सबसे ज्यादा प्रभावी पोज़ है। पर्सनल और प्रोफेशनल लाइफ की परेशानियों को हैंडल करना आसाना नहीं है और कहीं न कहीं स्ट्रेस होता ही है। तो जब स्ट्रेस हो तो इस खूबसूरत पोज़ में खो जाएं। वाकई यह पीस महसूस कराएगा।

अपनी एड़ियों पर बैठें और हिप्स पर एड़ी को रखें। आगे की ओर झुके और माथे को जमीन पर लगाएं। हाथों को बॉडी के दोनों ओर से आगे की ओर बढ़ाते हुए जमीन पर रखें। हथेली आकाश की ओर रखें। धीरे से छाती से जाँघो पर दबाव दें। धीरे से चेस्ट से थाइज़ पर दबाव दें। इसी पोज़िशन में रहें। धीरे से उठकर एड़ी पर बैठें और स्पाइन को धीरे-धीरे सीधा करें। रिलेक्स हो जाएं।

3. नौकासन (बोट पोज़)

बोट आपने देखी हैं ना, कैसी दिखती है? ठीक वैसा ही यह पोज़ है! नौकासन पीठ और पेट की मसल्स को मजबूत करने के लिए बेस्ट पोज़ है। यह पैर और हाथ की मसल्स को भी टोन करता है।

यह पोज़ करने के लिए मैट पर पीठ के बल पर लेट जाएं। दोनों पैरों को एक साथ जोड़ें और हाथों को भी बगल में बॉडी के पास ही रखें। लंबी गहरी सांस लें और सांस को छोड़ते हुए हाथ, पैर,  छाती,  सिर उठाएं। हाथ और पैर एकदम सीधे रखें और घुटनों को न मोड़ें। आपको बट और टेलबोन पर बैठना है। वी या बोट के आकार में 30 सेकंड तक रहें।

4. मार्जरासन (कैट पोज़)

कैट पोज़ हर वुमन को करना चाहिए। यह बहुत ही आसान पोज़ है और मुझे तो यह बेहद पसंद है। कैट पोज़ के ढेरों फायदें हैं। अगर आप लगातार लैपटॉप या कम्प्यूटर के सामने बैठती हैं, तो यह आसन ज़रूर करें। यह पोज़ ब्लड सर्कुलेशन, डाइज़ेशन में सुधार करता है। स्पाइन को फ्लैग्ज़िबल बनाता है।

कैट पोज़ में पहले टेबल की तरह पोज़िशन बना लें। इसके लिए घुटनों और हाथों के बल आ जाएं। हाथ एकदम सीधे हों। अब सांस छोड़ते हुए सिर को चेस्ट की तरफ ले जाएं और ऊपरी कमर को बाहर की तरफ गोल करें। इस पोज़ में आपकी ऊपरी पीठ स्ट्रेच होगी। अब सांस लेते हुए सिर को छत की तरफ ले जाएं। ऊपरी कमर को अंदर की तरफ गोल करें। इस पोज़ में आपका चेस्ट स्ट्रेच होगा।

5. वृक्षासन (ट्री पोज़)

इस पोज़ के साथ अपनी लाइफ में स्टैबिलिटी लाएं। सीखें कि जब चीज़ें अपने फेवर में न हों तो भी बिना घबराएं पेड़ की तरह कैसे खड़े रहें। यह आसन एक पैर पर किया जाता है और दूसरा पैर थाइ पर होता है। खुद को एक पैर पर स्टैबल रखें और आँखें बंद करके अपने चेस्ट के पास हाथ जोड़कर खड़े रहें। इस बात का ख्याल रखें कि सिर से पैर तक बॉडी एक ही सीधी लाइन में हो।

6. उत्कट कोणासन (गॉडेस पोज़)

इस पोज़ के साथ आप खुद देवी दुर्गा, सरस्वती और लक्ष्मी से शक्ति पाएंगी। गॉडेस पोज़ कहा जाने वाला यह आसन मेंटल, फिज़िकल और स्प्रिचुअल परफेक्शन तक पहुँचने का शानदार तरीका है। इस पोज़ में रेग्यूलर प्रैक्टिस से आर्म्स मसल्स को मजबूत करने के साथ-साथ अपनी थाइज़ और हिप्स को स्ट्रेच करें।

मैच पर सीधे रखे हो जाएं। दोनों पैरों के बीच थोड़ी दूरी बना लें और पंजों को बाहर की तरफ मोड़ें। अपने घुटनों को धीरे-धीरे मोड़ते हुए हिप्स को नीचे लेते आएं। गहरी सांस लें और दोनों हथेलियों को मिलाकर नमस्कार पोज़ बनाएं। चेस्ट को स्ट्रेच करते हुए कंधों को थोड़ा पीछे करें। आप चाहें तो इस पोज़ में नमस्कार पोज़ की बजाए हाथों को सीधे ऊपर ले जाकर खोलकर भी रख सकती हैं।

7. पश्चिमोत्तनासन (सीटेड फॉर्वड बेंड)

पश्चिमोत्तानासन सीधे पैरों पर आगे की ओर मुड़े हुए ऊपरी शरीर के साथ बैठने वाला आसन है। इस पोज़ से चिंता, सिरदर्द और थकान कम करने में मदद मिलती है। भूख बढ़ाने और मोटापा कम करने के लिए फायदेमद है। दोनों पैरों को बाहर की ओर फैलाते हुए मैट पर बैठें। पैर की अंगुलियों को आगे और एक साथ रहनी चाहिए। सांस लें और अपनी बाहों को ऊपर उठाएं। जहां तक हो शरीर को आगे की ओर झुकाने के लिए झुकें। आगे की ओर झुकते समय सांस छोड़ें।

दोनों हाथों को पैरों के तलवे को और नाक को घुटनों को छूना चाहिए। सांस लें और नॉर्मल पोज़िशन में आ जाएं। पहले हो सकता है कि शुरुआत में आपकी नाक घुटनों को न छुएं तो इससे टेंशन न लें। यह पोज़ रोज़ करेंगे तो धीरे-धीरे यह होने लगेगा।

 तितली आसन (बटरफ्लाई)

तितली आसन यानी बटरफ्लाई पोज़ बहुत ही आसन है। इसमें तितली की तरह बैठना होता है। यह आसन प्रेगनेंस वुमन को डिलीवरी के लिए तैयार होने में मदद करता है। यूट्रस और मसल्स के लिए भी यह फायदेमंद है। मैट पर बैठकर दोनों पैरों को आगे की तरफ फैलाएं और फिर उसे मोड़कर घुटनों और तलवों को एक-दूसरे से मिलाएं। धीरे-धीरे घुटनों को ऊपर और नीचे की और उछालें। घुटनें नीचे ले जाते समय कोशिश करें कि वे जमीन को छूएं। 

बस अब कोई बहाना मत बनाइए और अपना मैट लेकर सुबह आधा घंटा खुद को योग के लिए दे दीजिए। उसके बाद देखिए आपके रूटीन में क्या फर्क पड़ता है। आपका मूड, आपकी प्रोडक्टिविटी किस तरह बढ़ती है। 

About Author

Sonal Sharma

Leave a comment

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा.