About Us

Pankhuri is a women’s only community for members to socialize, explore and upskill through live interactive courses, expert chat, and interest-based clubs. Our short video app opens up endless possibilities for women with interests like fashion, beauty, grooming and lifestyle.

We are dedicated to all things beauty, inside and out. From hair and makeup to health and wellness, Pankhuri takes a fresh, no-nonsense approach to help you feel and look your absolute best. We help women find confidence, community and joy through beauty. It is a safe and empowering space that aims to help them lead their best lives. We’re driven by a commitment to improving women’s lives by covering daily breakthroughs in beauty and health, with a focus on story-telling and original reporting.

We are an ambitious, creative and committed community, backed by some of the best investors in the country. We are female-founded and led, and believe passionately in creating an inclusive and welcoming ecosystem for everyone.

पीरियड्स क्रैम्प से परेशान रहती हैं, तो 8 तरीकों से पाएँ राहत

पीरियड के दौरान कई महिलाओं को क्रैम्प यानी दर्द, ऐंठन से गुज़रना पड़ता है। कुछ महिलाएँ पीरियड्स के दौरान कम दर्द और ऐंठन महसूस करती हैं, तो कुछ के लिए ये दिन निकालना भारी पड़ता है। पीरियड्स क्रैम्प कई मामलों में बहुत दुखदायी हो सकता है और इससे रूटीन पर बुरा असर पड़ सकता है।

अगर पीरियड्स कैम्प आपकी लाइफ़ का हिस्सा रहा है, तो आप अब इससे छुटकारा पा सकते हैं। यहां 8 होम रेमेडीज़ दी गई हैं जो कि आपको आपकी बिज़ी रूटीन को फिर से नॉर्मल करने में हेल्प करेंगे।

क्यों होता है पीरियड क्रैम्प

पीरियड क्रैम्प यानी मासिक धर्म में होने वाला दर्द यूटरीन कन्ट्रैक्शन की वजह होता है। आपकी बॉडी हार्मोन के स्तर में बदलाव, खासकर प्रोस्टाग्लैंडीन, इन कन्ट्रैक्शन का कारण बनते हैं। जब पीरियड्स शुरू होते हैं, तो आपका यूटेरस सिकुड़ जाता है और अपनी लाइनिंग छोड़ देता है, जो तब आपके वजाइन से ब्लड रूप में निकलता है।

कुछ लोगों को पीरियड के दौरान दर्द होने का रिस्क ज़्यादा होता है, खासकर से वे जो:

  • 30 साल से कम उम्र के हों
  • पीरियड्स के दौरान बहुत ज्यादा ब्लीडिंग होना
  • ब्लीडिंग का रेग्यूलर न होना
  • पीरियड में दर्द की फैमिली हिस्ट्री रही हो
  • कम उम्र में प्यूबर्टी शुरू होना (11 साल या उससे पहले की उम्र)

1. हीट पैड का इस्तेमाल

अपने पेट पर हीट पैड लगाने या लपेटने से गर्भाश्य की मांसपेशियों को आराम मिल सकता है। इन मांसपेशियों के कारण पीरियड्स क्रैम्प होते हैं। हीट पैड की गर्मी आपके पेट में सर्कुलेशन को भी बढ़ाने का काम करती है, जो दर्द से राहत दिखाने में मदद करता है।

रिसर्च से पता चलता है कि पीरियड क्रैम्प से राहत दिलाने में ओटीसी दवाओं के इस्तेमाल की तुलना में हीट पैड ज़्यादा प्रभावी हो सकते हैं।

2. हॉट बाथ से फायदा

गर्म पानी से नहाना पीरियड क्रैम्प से राहत दिला सकता है। गर्म पानी से नहाने से आपके पेट, पेल्विक और पीठ की मांसपेशियों को आराम मिलता है। दर्द से छुटकारा पाने के लिए नहाने के पानी में लेवैंडर, सेज या रोज़ जैसे एसेंशियल ऑयल की कुछ बूँदें मिलाएं। एप्सम सॉल्ट मिलाने से भी मांसपेशियों के दर्द से राहत मिलत है। ज़्यादा से ज़्यादा फायदा लेने के लिए, कम से कम 15 मिनट के लिए हॉट बाथ लें।

3. योग

एक अध्ययन के मुताबिक एरोबिक एक्सरसाइज़ की तरह योग भी पीरियड्स कैम्प को कम करने में मदद करता है। विशेषज्ञों ने यह पाया कि जिन महिलाओं ने 12 सप्ताह के लिए सप्ताह में एक बार 60 मिनट की योगा क्लास में हिस्सा लिया, उन्हें पीरियड्स में होने वाले दर्द और ऐंठन से अच्छी खासी राहत मिली।

 अगर आप योग करना चाहती हैं, तो ऐसी क्लास तलाशें जहाँ फिज़िकल और रिलेक्सेशन दोनों ही गतिविधियां शामिल हों। रिसर्च के मुताबिक, पीरियड में होने वाले दर्द से राहत पाने के लिए यह कॉम्बीनेशन बहुत ही प्रभावी है।

4. खुद को हाइड्रेट रखें

अगर आप डिहाइड्रेटेड हैं, तो पीरियड्स के दौरान दर्द और ऐंठन की संभावना बढ़ जाती है और यह ज़्यादा दुखदायी हो सकता है। एक दिन में कम से कम आठ गिलास पानी पिएं। यदि गर्मी का मौसम है, आप ज़्यादा एक्सरसाइज़ कर रही हैं या बस प्यास महसूस कर रही हैं, तो आपको इसकी ज़्यादा ज़रूरत होगी।

5. हर्बल टी की चुस्की लें

हर्बल टी में एंटी-इंफ्लेमेटरी और एंटीस्पास्मोडिक कम्पाउंड्स होते हैं जो क्रैम्प का कारण बनने वाले गर्भाशय की मांसपेशियों की ऐंठन को कम कर सकते हैं। कैमोमाइल, सौंफ या अदरक की चाय पीने से पीरियड क्रैम्प स्वाभाविक रूप से दूर हो सकता है।

6. एंटी-इन्फ्लेमेट्री फूड से रखे नाता

कुछ ऐसे फूड्स होते हैं जिनका सेवन करने से पीरियड क्रैम्प से प्राकृतिक रूप से राहत मिलती है और अच्छी बात यह है कि स्वाद से भी समझौता नहीं करना पड़ता है। एंटी-इंफ्लेमेट्री फूड रक्त प्रवाह को बढ़ावा देने और आपके गर्भाशय को आराम देने में मदद कर सकते हैं। टमाटर, बैरीज़, पाइनेपल और हल्दी, अदरक और लहसुन जैसे मसालों का सेवन करें। हरी पत्तेदार सब्जियां, बादाम, अखरोट और सैल्मन जैसी फैटी फिश खाने से भी जलन को कम किया जा सकता है।

7. ट्रीट के लालच में न आएं

सामने ब्राउनी या फ्रेंच फ्राइज़ रखी हो, तो कंट्रोल करना मुश्किल हो ही जाता है, लेकिन वे फूड्स जिनमें चीनी, ट्रांस फैट और नमक की अधिक मात्रा होती है, वो ब्लोटिंग और इंफ्लेमैशन जैसी परेशानी पैदा करते हैं। इससे मांसपेशियों में दर्द और ऐंठन बढ़ने लगती है। अपनी चीनी खाने की इच्छा को दबाने की बजाए, केला या किसी भी फल का एक टुकड़ा खा लें या फिर अनसॉल्टेड नट्स भी ले सकते हैं।

8. मसाज थैरेपी

मसाज गर्भाशय को आराम देकर गर्भाशय की ऐंठन को दूर करने में मदद कर सकती है। पीरियड क्रैम्प्स को प्रभावी ढंग से मैनेज करने के लिए मसाज थैरेपी को पेट की जगह पर ध्यान देना चाहिए। हालाँकि, पूरे शरीर की मसाज जो स्ट्रेस से राहत दिलाती है, पीरियड क्रैम्प को दूर करने में भी मदद कर सकती है।

पीरियड्ल क्रैम्पस बहुत आम हैं, लेकिन ये आपके रोज़ाना की ज़िंदगी में कई समस्याएं पैदा कर सकते हैं। अच्छी बात यह है कि इस दुखदायी पीरियड क्रैम्प को कम करने के लिए आप कुछ कदम उठा सकते हैं।

फिर भी अगर दर्द कुछ दिनों बाद दूर नहीं होता है या इतना गंभीर है कि इससे आपके काम करने की क्षमता प्रभावित हो रही है, तो डॉक्टर से ज़रूर कंसल्ट करें।

About Author

Sonal Sharma

Leave a comment

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा.