About Us

Pankhuri is a women’s only community for members to socialize, explore and upskill through live interactive courses, expert chat, and interest-based clubs. Our short video app opens up endless possibilities for women with interests like fashion, beauty, grooming and lifestyle.

We are dedicated to all things beauty, inside and out. From hair and makeup to health and wellness, Pankhuri takes a fresh, no-nonsense approach to help you feel and look your absolute best. We help women find confidence, community and joy through beauty. It is a safe and empowering space that aims to help them lead their best lives. We’re driven by a commitment to improving women’s lives by covering daily breakthroughs in beauty and health, with a focus on story-telling and original reporting.

We are an ambitious, creative and committed community, backed by some of the best investors in the country. We are female-founded and led, and believe passionately in creating an inclusive and welcoming ecosystem for everyone.

5 आयरन रिच फूड्स ज़रूर लें प्रेग्नेंसी में

आयरन की कमी हमें प्रेग्नेसी में फेस करनी पड़ती है। इसकी वजह है कि प्रेग्नेंसी में खुद की और बच्चे की नीड्स को पूरा करने के लिए रेड ब्लड सेल्स तैयार होता है। इसके लिए आयरन की नीड होती है।  प्रेग्नेंसी में आयरन वाले फूड्स को हम लेते हैं लेकिन कई बार बॉडी अब्जॉर्ब नहीं कर पाती है। तो इस ब्लॉग में जानते हैं ऐसे आयरन रिच फूड्स जो कि आपके बॉडी में आयरन की कमी को पूरा करेंगे।  

gmn0NUW03gmt 1r rasAfYtfftgf1WwPJ1GHJrM7gQLUM5ORvF2C0qtV aRoo3IFzMJ9SI3Mhpk9ebnQLaK8JDR42TE8Fy7ZqMlXtW6VqZBcVq2hNQ01CxEQdKbyI07x5Q kBvedsdwcLjopwdnQ CaTni3D qyb4CB4awYo8PBAqSFK1EZpb6iqBCC8Qw

बीन्स और दाल

प्रेग्नेंसी में बीन्स और दाल का सेवन करना काफी अच्छा माना जाता है। अगर आप दाल को पकाकर खाते हैं तो करीबन एक कप पकी दाल में 6.6 मिलीग्राम आयरन मिलता है। आप दाल व बीन्स का सेवन कई अलग-अलग तरीकों से कर सकती हैं। मसलन, इसकी सब्जी बनाने के अलावा चाट या स्नैक्स भी बनाए जा सकते हैं।

hfAmdXRhOGxcYdNFgPOXpS1brvMs5A0BWE63YKJwpcroYceXdxdBqNgTILtUbyndziW WqXVEMo3sL3puYhGE0wsB4FADW3FOoZ9ouipl1Dss8sHeDYRtijiuXbBR66p9B4Rfd 6 JDlDw0ysAdsmAUu4BbJ7V2a9Q0idoTlXoTfTmy9KhD1pDSWnPsYBQ

पालक और केले

प्रेग्नेंसी में महिला के लिए पालक और केल खाना यकीनन आपके लिए लाभदायी माना जाता है। पालक और केल एंटी-ऑक्सीडेंट, विटामिन और आयरन से भी भरपूर होते हैं। पके हुए केल के एक कप में 1 मिलीग्राम आयरन होता है। वहीं पालक में प्रति 1 कप सर्विंग में 6.4 मिलीग्राम आयरन पाया जाता है। आप पालक की सब्जी बना सकते हैं, उसका सूप बना सकते हैं या फिर उसे सलाद में भी खा सकते हैं।

4Wc0H2Zd5KKClSRnkuYx3HHGe L4eMdc W 8XPo6m6S hVH9r6Pm7vO uHuY7G8XBFfp7maz5d7ll30oaG

बीटरूट जूस 

इन दिनों मार्केट में गाजर व चुकंदर आसानी से अवेलेबल है तो ऐसे में आप आयरन की कमी को दूर करने के लिए गाजर व चुकंदर का जूस पी सकती हैं। गाजर और चुकंदर दोनों में आयरन प्रचुर मात्रा में पाया जाता है। आप चाहें तो इसमें थोड़े पालक के पत्तों को भी शामिल कर सकते हैं। आप जूस बनाते समय टमाटर व आंवला को भी शामिल कर सकती हैं। इससे आपको आयन के साथ-साथ कई तरह के विटामिन्स व मिनरल्स भी मिलते हैं, जो आपके प्रेग्नेंसी पीरियड को अधिक हेल्दी बनाने में मदद करते हैं।

zIIka0KA002ZKcoTwivkiAjciB4uaePklrgP6u0xt3ZFpJiYnjQJd7IEhkvuk RjuVYUfnJin1mEUQygeev72PRcrQo lJa0DSiwRXbjR1 gFmZhc89IRpQ71CHagkNxMEy0Zs95TNAUMg1UVbG9t80mGul75SpX9FUuTBOVC0Oi2xvIu4o cVtGMyyJA

ऐपल

जब प्रेग्नेंसी में खाए जाने वाले हेल्दी फलों की बात होती है तो उसमें सेब का नाम सबसे पहले लिया जाता है। इसमें आयरन काफी प्रचुर मात्रा में होता है, जो महिला को पर्याप्त मात्रा में हीमोग्लोबिन बनाने में मदद करता है। इसके अलावा, इसमें कई तरह के विटामिन्स, मिनरल्स और एंटी-ऑक्सीडेंट पाए जाते हैं, जो प्रेग्नेंसी में महिला को लाभ पहुंचाते हैं। आप अपनी प्रेग्नेंसी में नियमित रूप से एक सेब का अवश्य करें।

WeMqx QpcgejQruALN0eWTnUwBXbTwskU gjHubg9OFZ7V6 J1vaCs3wIRfsABkXW1Mf zWwg92Tbn8r67y kJ2F7Vy1M9gKtyGgmaMT0rSBHPD6c0uTfc

ब्रोकली

प्रेग्नेंसी में ब्रोकली का सेवन खाना भी गुड आइडिया है। ब्रोकली में सिर्फ आयरन ही नहीं, बल्कि कई ढेर सारे पोषक तत्व भी होते हैं जो प्रेग्नेंसी में फायदेमंद हैं। ब्रोकली का सेवन इसलिए भी बिनेफिशियल माना जाता है, क्योंकि इसमें विटामिन सी पर्याप्त मात्रा में पाया जाता है। जिसके कारण आयरन के अब्जॉर्बशन में मिलती है। इसके अलावा, ब्रोकली में मौजूद फाइबर आपके डायजेस्टिव सिस्टम को बेहतर तरीके से काम करने में हेल्प कर सकता है।  

About Author

Sonal Sharma

Leave a comment

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *