About Us

Pankhuri is a women’s only community for members to socialize, explore and upskill through live interactive courses, expert chat, and interest-based clubs. Our short video app opens up endless possibilities for women with interests like fashion, beauty, grooming and lifestyle.

We are dedicated to all things beauty, inside and out. From hair and makeup to health and wellness, Pankhuri takes a fresh, no-nonsense approach to help you feel and look your absolute best. We help women find confidence, community and joy through beauty. It is a safe and empowering space that aims to help them lead their best lives. We’re driven by a commitment to improving women’s lives by covering daily breakthroughs in beauty and health, with a focus on story-telling and original reporting.

We are an ambitious, creative and committed community, backed by some of the best investors in the country. We are female-founded and led, and believe passionately in creating an inclusive and welcoming ecosystem for everyone.

क्योंकि तुमको तुम्हारी जरूरत पड़ेगी…  

इस भागदौड़ भरी रोजमर्रा की ज़िन्दगी में हम अक्सर खुदको पीछे छोड़ देते हैं। जॉब, घर, फैमिली, बच्चे इन सबको सँभालते सँभालते हम भूल ही जाते हैं कि हमारी खुद की तरफ भी एक जिम्मेदारी है, और वो है खुद को खुश रखने की जिम्मेदारी!!

image 29

अच्छा बताइये, आखिरी बार आपने खुदसे बात कब की थी ? या फिर चलिए छोड़िये, आप ये बताइये की आपने आखिरी बार अपने मन की सुनकर अपनी ख़ुशी के लिए कोई कदम कब उठाया था ? सोचिये सोचिये ! याद आया? नहीं ना ? वो इसलिए क्योंकि वक़्त के साथ हम अपनी खुद की ज़िन्दगी, भावनायें और पसंद-नापसंद भूल जाते हैं और दूसरों की फरमाइशों और भावनाओं को तवज्जो देने को ही अपनी ज़िन्दगी बना लेते हैं। फिर कुछ सालों बाद यही जिंदगी हमें नीरस लगने लगती है। ऐसा समय आने से पहले ही संभल जाएँ और अपने आप से जुड़े इस रिश्ते को संवारें। हम आपको कुछ ऐसे टिप्स बताएंगे जिससे आप अपने इस रिश्ते को फिर से मजबूत कर सकते हैं। तो फिर देर किस बात की है चलिए शुरू करते हैं !

थोड़ा सा वक़्त खुद के लिए… 

JEDIQu3cuvkQDW761AKTUIvl3ZMSe2XA7t1 GvSlxfKVxeTJfO7PDokC61Bm9D15lIxSg7ta

सबसे पहले तो अपनी रोजमर्रा की ज़िन्दगी से हर रोज थोड़ा थोड़ा वक़्त अपने लिए निकालिये। शुरुआत आप 15 मिनट से कर सकते हैं फिर आप इस वक़्त को बढ़ाते जाएँ। इस वक़्त में आप कुछ भी कर सकते हैं, जैसे अगर आपकी कोई पुरानी हॉबी तो आप फिर से उसे अपनी दिनचर्या का हिस्सा बना सकते हैं। पेंटिंग, डांस, योगा, एक्सरसाइज, म्यूजिक, इस तरह की कुछ एक्साइटिंग एक्टिविटीज से खुद को जोड़ें। इसके अलावा आप अपनी कोई फेवरेट मूवी देख सकते हैं या फिर अगर आप पढ़ने के शौक़ीन हैं तो कोई बुक या नॉवेल भी पढ़ सकते हैं।

मैडिटेशन है जरुरी!

YvjOBqCNjvqU SzVJwdW1xf3tKZ KKDlSZvKQPfu93lc8LoSKx 3Tz

जी हाँ.. अगर आप अपने दिल की सुनना चाहते हैं तो उसके लिए मैडिटेशन का सहारा ले सकते हैं। मैडिटेशन हमारे दिल और दिमाग के बीच सही तालमेल बैठाने में मदद करता है। इसलिए सुबह उठकर या फिर अपने “मी टाइम” में मैडिटेशन जरूर करें। इससे आपको खुदके और करीब जाने का और खुदको और बेहतर तरीके से समझने का मौका मिलेगा। 

प्लांट्स लगाएं, और खुदके थोड़ा और करीब हो जाएँ

IrC6Y6kjQ7BJCS6nxebg9JbhBWP4m0xc7jG66esU2VGfhFfMCpDzVc8HmUybiVQkHXy R0YA7uG80X0TpkEh0BbuKNAweFMFk L5Ro o6WfAC hRPHWsw2cp teNYCMpjikOSQyAZVsuhZzA

अगर आपको प्लांट्स लगाने का शौक है तो आप इंडोर या बालकॉनी में प्लांट्स लगा सकती हैं, यकीनन प्लांट्स को सहेज के रखने में आपके मन को सुकून मिलेगा। प्लांटिंग न सिर्फ आपको मेन्टल पीस देगा बल्कि बल्कि आपके आस पास पॉजिटिव एनवायरनमेंट भी रखेगा। और फिर एनवायरनमेंट को हेल्थी बनाने में भी आपका योगदान हो जायेगा !!

अपने आपको कॉम्पलिमेंट करना ना भूलें

Q5DscIpOikt1 UhOAcQWsnosqW69

पूरे दिन में एक बार आईने के सामने खड़े होकर अपने आप को जी भर के कॉम्पलिमेंट करें। दूसरों से कॉम्पलिमेंट सुनना अच्छा लगता है लेकिन जब आप खुद को स्वीकार कर अपने लिए कुछ अच्छा बोलते हैं तो दिन बन जाता है।

अपना फेवरिट फ़ूड एन्जॉय करें 

PsVAF2KU eEc9vIVAeAFHNl9iqXOqeeZUBHjkQQFJNMFwHY8rpPW7ZYTQ3FGr w gkve zN8H4OMi8Nafs0v qmdWQIIXECNpNsSLpAaLaamB q9J9jU42FRD kD0uIdSYd1gRbN57NOtH22g

वो कहते हैं ना, दिल का रास्ता पेट से होकर गुजरता है ! तो आप किसका वेट कर रहे हैं ? पकड़ लीजिये अपने पेट का रास्ता और हो जाइये अपने दिल के और करीब। हफ्ते में एक बार अपनी पसंद की डिश बनाएं या फिर अपने फेवरेट रेस्टॉरेंट में जाएँ। जब तक आप अपनी पसंद नापसंद की वैल्यू नहीं करेंगी, तब तक कोई और भी आपकी पसंद नापसंद को अहमियत नहीं देगा।

dcxO2ubJ5Uy7YnrT1Se0FR1IWc2xzpNC4L0VnsjtBsA0czUpb851 ezzCQ4o HzQEIx8 0AJod 5ks qC203a8sePeUse5Ppld5VkNAt50zXBO87RiQ m LKfFR71pReEJcWUmE4uo22SOmTPw

ज़िन्दगी में ये कुछ छोटे-छोटे कदम ही हमें हमारे और करीब ले आते हैं। समझिये कि आपका दिल कब ठहरना चाहता है और कब आपसे आपका वक़्त चाहता है और बढ़ाइए अपने दिल की ओर एक छोटा सा कदम। देखिये होता क्या है ना, जब हम ज़िन्दगी की भागदौड़ में होते हैं तो खुद को कहीं पीछे ही छोड़ देते हैं, और खुद को पाने की चाह में खुद को खोना सही नहीं है ना… तो खुद को ढूंढ लो वापिस, इससे पहले की देर हो जाए, क्योंकि तुमको तुम्हारी जरूरत पड़ेगी…   

About Author

Anjali Mrinal

Leave a comment

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *