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क्या आप जानते हैं कि हमारे ब्रेन में एक इमोशनल ट्रिगर होता है जो खाए जाने वाले मील्स को फीलिंग्स से कनेक्ट है? नहीं जानते ना! तो आज के ब्लॉग की शुरुआत मैं इस फैक्ट के साथ कर रही हूँ कि हर बार जब हम अपनी मनचाही चीज खाते हैं, तो हमें सेटिस्फेक्शन फील होता है, और यह हमारे हैप्पी हार्मोन को भी स्टिम्युलेट करता है। (अब तो आप समझ ही गए होंगे कि मिडनाइट क्रेविंग्स क्यों होती हैं) 

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यह बात बच्चों पर भी लागू होती है। हमारे बच्चों के टेस्ट बड्स अलग होते हैं और हाइली सेंसिटिव होते हैं। यही रीज़न है कि वे ज्यादातर फ़ज़ी ईटर्स होते हैं, जो कम्प्लीटली नॉर्मल है। लेकिन एज़ पैरेंट्स, ये हमारी रिस्पांसिबिलिटी है कि हम अपने बच्चों के लिए हेल्दी ईटिंग हैबिट्स डेवलप करें। तो हम शुरू कहाँ से करें और क्या करें? ये जानने के लिए आगे कंटिन्यू कीजिये… 

बच्चों में हेल्दी डाइट की क्या जरुरत है?

ये एक मिसकन्सेप्शन है कि बच्चे अपनी मर्जी से खा सकते हैं और जब चाहें स्नैक्स खा सकते हैं, सिर्फ इसलिए क्योंकि ‘वो सिर्फ बच्चे हैं!’ जैसे हम अपने डाइट को बैलेंस करके और जिम में घंटो बिताकर फिट रहने की कोशिश करते हैं, उसी तरह आपका बच्चा भी सेम हेल्थ और वैलनेस डिज़र्व करते हैं। हेल्थ हमारी बॉडी के लिए एक नेचुरल रिसोर्स है, इसलिए हमें अपनी पुअर ईटिंग हैबिट्स के साथ इसमें इंटरफेयर नहीं करना चाहिए। 

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खासकर जब आप अपने बच्चों को उनकी अर्ली स्टेजेस में हेल्दी ईटिंग हैबिट्स से इंट्रोड्यूस कराना शुरू करते हैं, तो उनमें एक हेल्दी लाइफस्टाइल डेवलप होता है। बचपन में आपके द्वारा इंस्टॉल की गयी हेल्दी और वैलनेस की भावना उन्हें एक हेल्दी लाइफस्टाइल मैंटेन करने में मदद करेगी क्योंकि वे एडल्ट्स होते हैं और अपने रास्ते में आने वाली  किसी भी हेल्थ डिसऑर्डर्स से खुद को बचाते हैं।

हेल्दी ईटिंग हैबिट्स को कैसे प्रमोट करें? 

1. हर मील को शेड्यूल करें और इस पर डेली स्टिक करें। मील्स के बीच में उन्हें स्नैक्स खाने से बचें, क्योंकि इससे आपकी एपेटाइट स्पॉइल हो जाती है।

2. बच्चे ऐसे फ़ूड की तरफ झुकते हैं जो उन्हें ज़्यादा अट्रैक्ट करते हैं। इसलिए अपने अंदर के फूड आर्टिस्ट को बाहर निकालें और उनकी खाने की थाली को फन और क्रिएटिव तरीके से सर्व करने की कोशिश करें।

3. हेल्दी फ़ूड का टेस्टलेस होना जरूरी नहीं है। सभी सब्जियां फ्लेवर्स से उतनी ही भरी होती हैं, जितनी वे विटामिन और मिनरल्स से भरी होती हैं। इसलिए, अपने आप को रेसिपीज़ से अपडेट रखें और एक डिलीशियस मील प्रिपेर करें।

4. अपने बच्चों को हेल्दी फ़ूड खाने के बाद कभी भी ट्रीट न दें। इस तरह, आप उन सभी फ्रूट्स और वेजीज़ के बारे में एक नेगेटिव आईडिया पेश कर रहे हैं जो वे खाते हैं।

5. ग्रॉसरी शॉपिंग के दौरान और खाना बनाते टाइम अपने बच्चे को शामिल करें ताकि खाने के लिए उनका पर्सेप्शन सही हो जाए और वे एक हेल्दी रिलेशनशिप डेवलप कर सकें। 

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हमेशा एडवाइस दी जाती है कि बच्चों में हेल्दी ईटिंग हैबिट्स की शुरुआत जल्दी करनी चाहिए, क्योंकि जब आप ऐसा करते हैं तो आपके बच्चे को मोटापे, डायबिटीज और दूसरी हेल्थ कंडीशंस सामना करने की पॉसिबिलिटीज़ काफी कम हो जाती है जो इन दिनों एडल्ट्स फेस कर रहे हैं। तो अगर एक टेडी बियर पैनकेक या फ्रूट्स और वेजीज़ के रैनबो से कॉमन इश्यूज हमारे बच्चों से दूर रहते हैं तो थोड़ा एक्स्ट्रा माइल्स जाएँ और जो जरुरी है उस पर फोकस करें। 

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Anjali Mrinal

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